कोई टाइटल नहीं

 


धान खरीद को लेकर डीसी के पास पहुंचे आढ़ती..

सीसीटीवी फूटेज चेक करने के बाद ही खरीदी जाएगी धान, कई आढ़तियों की बढ़ सकती है मुसीबत

नई अनाजमंडी में पड़ी है करीब 50-60 हजार क्विंटल धान

द न्यूज इनसाइडर करनाल


धान खरीद शुरू होगी या नहीं, इसको लेकर आढ़तियों में संशय की स्थिति बनी हुई है। आढ़ती दावा कर रहे है कि अकेले नई अनाजमंडी में करीब 50-60 हजार क्विंटल धान बिकने के लिए पड़ी हुई है। गेट पास भी कटे हुए है। इसी को लेकर आढ़ती पंचायत नई अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के बैनर तले डीसी से मिलने पहुंच गए। लेकिन डीसी ने स्पष्ट कर दिया कि केवल उस धान को ही खरीदा जाएगा। जो नियम अनुसार होगा अर्थात सीसीटीवी फूटेज से मिलान करने के बाद ही धान को खरीदा जाएगा अन्यथा नहीं। सीसीटीवी फूटेज में जांचा जाएगा कि किसान किस समय, किस टाइम पर धान लेकर मंडी में आया। उसका गेट पास किस टाइम कटा? सभी चीजों को मिलान करके पूरी पारदर्शिता के साथ ही धान की खरीद की जा सकेंगी। क्योंकि सरकार ने धान खरीद की स्पष्ट हिदायतों को लेकर प्रदेश के सभी उपायुक्तों के पास खरीद सम्बधित पत्र भेजा हैं। जिसके अनुसार ही खरीद संभव होंगी। सरकार द्वारा खरीद सम्बधित लगाई गई शर्त को देखकर आढ़तियों में बैचेनी पैदा हो गई।



निदेशक खादय नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हरियाणा द्वारा जारी पत्र।


नई अनाजमंडी के कई आढ़तियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि मंडी में जो धान आया था, वो धान 13 नवम्बर को हुई खरीद में खरीद लिया गया था। अधिकारियों ने अपने लेवल पर बाकायदा धान परचेज की वीडियोग्राफी भी हुई थी। फिर इतना धान कैसे मंडी में आ गया। ये अपने आप में बड़ा सवाल हैं। जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने हैरान करने वाला जवाब देते हुए आरोप लगाया कि जो धान मंडी में खरीदा जा चुका है, उसका उठान ही नहीं हुआ। बिक चुकी ढेरी वहीं की वहीं पड़ी है ताकि अगली परचेज में उसी ढेरी को दोबारा से बेचा जा सके। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि काफी संख्या में गेट पास कटे हुए है। उनकी खपत भी करनी हैं। इसलिए सब खेल चल रहा हैं। आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसका खुलासा तो जब सीसीटीवी  व कागजात चेक करने के बाद खरीद होगी, तब पता चल जाएगा।



फाइल फोटो


क्या किसान अब भी धान लेकर आ रहे?
सवाल उठ रहा है कि क्या किसान अब भी पीआर धान बेचने के लिए मंडी में आ रहे है? अगर आ रहे है तो कितनी संख्या में। क्या उनके पास पोर्टल से मैसेज गया या नहीं? ये जांच तो 13 नवम्बर से चेक की जाए तो आसानी से पता चल जाएगी। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी दावा कर रहे है, 13 नवम्बर को अंतिम परचेज की थी। उसके रिपोर्ट सरकार के पास भेजी जा चुकी हैं।





फाइल फोटो


जो धान 13 नवम्बर को खरीदा, उठान की सीसीटीवी फूटेज होनी चाहिए?
कई आढ़तियों ने आरोप लगाया कि 13 नवम्बर को जो धान की सरकारी खरीद हुई थी, जितना धान एजेंसियों द्वारा खरीदा गया था। उसका उठान हुआ या नहीं। अगर हुआ तो उसकी सीसीटीवी फूटेज देखकर ही आगामी खरीद करनी चाहिए। अगर खरीदा गया धान मंडी से बाहर नहीं गया तो सब कुछ आसानी से पता चल जाएगा कि मंडी में कितना धान सही प्रकार से आया ओर कितना गलत तरीके से बेचने की फिराक में हैं।

सरकार के लेटर के अनुसार ही होगी आगामी कार्रवाई

खाद्य आपूर्ति विभाग के डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि सरकार की ओर से 16 नवम्बर को खरीद सम्बधित पत्र आया है। उसके अनुसार ही अनुसार ही आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 13 नवम्बर को अंतिम परचेज की थी। खरीद सम्बधित कोई परेशानी न हो, इसको लेकर उन्होंने अपने लेवल पर वीडियोग्राफी भी करवाई थी।

सीसीटीवी फूटेज चेक होंगे पहले: डीसी


डीसी डॉ. निशांत कुमार यादव ने बताया कि सरकार के निर्देश अनुसार जो धान मंडियों में आढ़तियों के पास पड़ी है। उनके गेट पास, कौन से वाहन में धान आया आदि सब सीसीटीवी फूटेज चेक किया जाएगा। अगर सबका आपस में मिलान हो जाएगा, तभी धान की खरीद की जाएगी। अन्यथा नहीं। उन्होंने कहा कि अगर कुछ भी गलत मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।

फाइल फोटो

अभी लाईसेंस रहेंगे सस्पेंड: मंडी सचिव हकीकत सिंह


फर्जी गेट पास मामले में जिन फर्मों के लाईसेंस सस्पेंड किए जा चुके है। वे सस्पेंड ही रहेंगे। उनकी बहाली की फिलहाल कोई योजना नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मंडी में एक अनुमान अनुसार करीब 10 हजार क्विंटल पीआर धान आया हुआ है। 

The news insider

"ताज़ा ख़बरें, सही जानकारी और हर अपडेट सबसे पहले आपके पास। यहाँ पढ़ें देश-विदेश, राजनीति, खेल, मनोरंजन और टेक्नोलॉजी से जुड़ी हर बड़ी और छोटी खबर – आसान भाषा में, बिना किसी झंझट। हमारा लक्ष्य है – आपको हर पल से जोड़ना, बिल्कुल भरोसेमंद तरीक़े से।"

एक टिप्पणी भेजें

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

और नया पुराने