धान घोटाला छह, तरावड़ी मंडी में नियमों की उड़ी धज्जियां, मैन्यूवल भी खरीदा धान
मैन्यूवल भी खरीदा धान
जब सरकार ने सभी मंड़ियों में पोर्टल में दर्ज किसानों का धान खरीदने के आदेश दिए थे तो क्यों मैन्यूवल धान खरीदा गया। मिली जानकारी अनुसार जो गेट पास पहले ही कटे हुए थे, उस धान को खरीद लिया गया जबकि जब अन्य गेट पास काटे जाए तो पोर्टल पर दर्ज की गेट पास काटे जाए। जबकि सभी गेट पास पोर्टल पर दर्ज किसानों के ही कटने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जो सरकार के आदेशों की अवहेलना कही जाए तो हैरान नहीं होना चाहिए।
सरकार के मेरी फसल मेरा ब्यौरा में रजिस्टर्ड किसानों की धान ही खरीदने के थे आदेश
द इंसाडर न्यूज ब्यूरो, करनाल
करनाल में धान घोटाला जारी है। नियमों को कायदे पर रख खरीद एजेंसियां मंडी अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। तरावड़ी में तो सारी हद ही पार हो गई। यहां मेरी फसल मेरा ब्यौरा पार्टल तक को ताक पर रख दिया गया है। मंडी में एक दिन में करीब 3 से साढ़े 3 लाख क्विटंल धान खरीद लिया गया। वहीं अन्य मंड़ियों में अभी तक कई राइस मिलरों का कोटा तक पूरा नहीं हो पाया, जबकि कई राइस मिलरों को नियमों से खिलवाड़ करके हद से ज्यादा कोटा दे दिया गया। दिलचस्प बात है कि तरावड़ी एरिया में ज्यादातर धान मोटा की बजाए बारीक धान पैदा होता है। बारीक धान को देखते हुए अधिकांश राइस मिलर तरावड़ी में है। जो सैला चावल तैयार कर विदेशों में भेजते है, यहां तक कि विदेशी उद्योगपतियों ने भी राइस मिलर तरावड़ी में लगाए हुए है। कई राइस मिलरों ने बताया कि करनाल की सभी मंड़ियों में कई-कई लाख क्विटंल धान ज्यादा खरीदा गया है।मैन्यूवल भी खरीदा धान
जब सरकार ने सभी मंड़ियों में पोर्टल में दर्ज किसानों का धान खरीदने के आदेश दिए थे तो क्यों मैन्यूवल धान खरीदा गया। मिली जानकारी अनुसार जो गेट पास पहले ही कटे हुए थे, उस धान को खरीद लिया गया जबकि जब अन्य गेट पास काटे जाए तो पोर्टल पर दर्ज की गेट पास काटे जाए। जबकि सभी गेट पास पोर्टल पर दर्ज किसानों के ही कटने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जो सरकार के आदेशों की अवहेलना कही जाए तो हैरान नहीं होना चाहिए।