करनाल में किसानों ने मार्केट बोर्ड के मेन गेट पर परना बांध किया प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
कहा जिन किसानों पर केस दर्ज किए, उन्हें करे रिजेक्ट, नहीं तो जेल भरों आंदोलन होगा शुरू
द न्यूज इंसाइडर ब्यूरो , करनाल
मंडी में किसानों को फसल बेचने में हो रही परेशानियों को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने मंडी में सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकालकर तीव्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के मेन गेट पर परना बांधकर उसे बंद कर दिया और गेट के सामने ही बैठ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार-सचिव मौके पर पहुंचे। किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में 2-2 सीएम होने के बाद भी किसानों की फसल मंड़ियों में पड़ी है, लेकिन किसी को कोई चिंता नहीं। किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान के नेतृत्व में तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का गुस्सा देखते ही जिला प्रशासनिक अधिकारी सकते में आ गए, किसानों ने मंडी कार्यालय के गेट पर एकत्रित होकर मंडी के सभी गेटों को चेक किया। प्रदर्शन करते हुए मंडी कार्यालय पर पहुंच गए। किसानों ने कहा कि मंडी में जो किसान धान लेकर आ रहे है, उनका धान नहीं खरीदा जा रहा, जो किसानों के साथ घोर अन्याय है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार धान की खरीद मैन्युवल तरीके से करे ताकि किसान अपनी फसल को बेच सके।
अधिकारियों को बैठाया पंचायत में

किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आए अधिकारियों को अपने बीच ही बैठा लिया और उनसे उचित समाधान की मांग की। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि ये काम उनका नहीं है बल्कि सरकार का है। जैसे सरकार के आदेश होंगे। उनके अनुसार ही काम किया जाएगा। इस पर किसानों ने सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
गेटों पर नहीं मिली पुलिस
भाकियू के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि मंडी के गेटों पर पुलिल के जवान तैनात किए हुए है जिससे किसान अपनी फसल मंडी के अंदर लेकर नहीं आ रहे। जो किसानों के साथ अन्याय है। लेकिन आज मंड़ियों के गेटों पर पुलिस नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मंडी में उन किसानों की धान सरकार खरीद रही है, जिसका रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा नामक पोर्टल पर दर्ज है, तो दूसरे किसान कहां जाएगे। जिनका नाम पोर्टल पर दर्ज नहीं।
जिन किसानों पर केस दर्ज, उन्हें तुरंत ले वापस
भाकियू पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार ने फसल अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ केस दर्ज करवाए है, उन्हें तुरंत ही वापस ले। अगर किसी अधिकारी ने किसानों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो यूनियन जेल भरो आंदोलन चलाएगी। उचित होगा कि सरकार स्वयं ही उन्हें तारीक बता दे कि जिस दिन किसान स्वयं ही आकर गिरफ्तारी दे देंगे। कहा कि किसानों को फसल अवशेष जलाने का शौक नहीं है बल्कि वे तो ऐसा संसाधनों की कमी की वजह से करते है।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने बताया कि मंड़ियों में किसानों को धान बेचने में काफी परेशानी हो रही है साथ ही किसानों को धान लेकर मंड़ियों में नहीं जाने दिया जा रहा है। जिससे काफी परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए भाकियू ने मंडी में रोष प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि वे किसानों पर दर्ज मुकद्दों को वापस ले नहीं तो किसान जेल भरों आंदोलन छेड़ देंगे। जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर, सुरेंद्र सिंह घुम्मन, जिला प्रधान यशपाल राणा, संरक्षण मेहताब कादियान, सुरेंद्र सांगवान, कुलदीप बलाना, बलविंद्र सिंह जैनपुर सहित अन्य मौजूद रहे।
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किसानों ने मार्केट बोर्ड के मेन गेट पर परना बांध किया प्रदर्शन