छवि बचाने को पुलिस का एक्शन: माइनिंग माफिया के गुंडों का पता नहीं , एक ड्राइवर पूछताछ के लिए हिरासत में
लोगों का कहना है कि सख्त माइनिंग माफिया के खिलाफ होनी चाहिए सख्त कार्यवाही, तभी बच सकता है इलाकादा न्यूज़ इनसाइडर, चंडीगढ़
यमुनानगर जिले के खिजराबाद इलाके में माइनिंग माफिया के गुंडों के खिलाफ पुलिस कुछ हरकत में आयी। एक ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत मे लिया गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हिरासत में लिए गए ड्राइवर की इस कांड में संलिप्ता है या नहीं। क्षेत्र के एसएचओ राकेश राणा ने इस बात की पुष्टि की है। दूसरी ओर अभी तक वाहन छीनने वाले गुंडों का पुलिस सुराग नहीं लगा पायी है। इस वजह से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब माफिया के गुंडे पुलिस पर हमला कर सकते हैं तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी? अवैध माइनिंग को लेकर क्षेत्र के लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यदि पुलिस अब भी सख्त नहीं हुई तो इलाका तबाह हो जाएगा। जिसका खामियाजा हर किसी को भुगतना पड़ेगा। यमुनानगर के खिजराबाद पुलिस ने बल्लेवाला में अवैध माइनिंग करते हुए माफिया के वाहन पकड़े थे। जैसे ही टीम वाहनों को लेकर वापस आ रही थी तो रास्ते में ही कुछ गुंडों पर पुलिस की टीम पर हमला बोल कर एक वाहन छुड़ा लिया था। द न्यूज इनसाइडर ने मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद पुलिस हरकत में आयी। टीम ने ट्रक को बरामद कर लिया था। अब एक व्यक्ति को पकड़ा है। माना जा रहा है कि यह माफिया के गुंडों से मिला हुआ है। पुलिस ने अभी उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
देखिए युमना नगर में खनन माफिया के हौसले कितने बुलंद हैं पुलिस वालों से छीनकर ले गए पकडे वाहन द न्यूज़ इंसाइडर की विस्तृत रिपोर्ट
बड़ा सवाल: हमलावर गुंडों की अभी तक पहचान क्यों नहीं
इस प्रकरण में सवाल यह उठ रहा है कि अभी तक पुलिस की टीम पर हमला करने वाले गुंडों की पहचान क्यों नहीं हो रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुलिस जानबूझ कर पहचान नहीं करना चाह रही है। उन्होंने बताया कि यदि दा न्यूज इनसाइडर मामले को नहीं उठाता तो यह मामला दब गया था। हकीकत यह है कि पुलिस माफिया के खिलाफ कार्यवाही करना ही नहीं चाह रही है। इसका सबसे बड़ा अदाहरण यहीं है कि अभी तक पुलिस पर हमला करने वाले गुंडों की पहचान तक नहीं की गयी। वह यहां के लोकल ही होंगे? कहीं बाहर से तो आए नहीं है?
हमले के बाद भी पुलिस ने बड़ा एक्शन नहीं लिया ्र
दूसरी वजह यह है कि पुलिस ने अभी तक इतना बड़ा एक्शन नहीं लिया जिससे यह लगे कि पुलिस गुंडों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रही है। न तो बदमाशों को पकडऩे के लिए कुशल पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गयी, न ही स्पेशल टीम बनी जो हमलावरों की पहचान कर उन्हें पकडऩे का काम करे। मामला पुलिस पर हमले का है, क्या हमले को पुलिस इतना हलके में ले सकती है? ग्रामीणों ने बताया कि उनके डर की वजह यहीं है, जब पुलिस खुद पर हुए हमले को लेकर सख्ती के मूड में नहीं है। उनके साथ कुछ हो गया तो उनकी सुरक्षा कौन करेगा?
क्या हिरासत में लिया गया व्यक्ति गुंडों के साथ था?
यह भी बड़ा सवाल है, क्योंकि जब क्षेत्र के एसएचओ से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यह पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति की हमले में भूमिका क्या थी? उन्होंने बताया कि अभी इस बाबत कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। आकृति के अध्यक्ष अनुज सैनी ने बताया कि मामला बढ़ता देख कर पुलिस किसी बेकसूर को फंसा कर गुंडों को बचाने की कोशिश तो नहीं कर रही है। क्योंकि घटना को हुए कईं दिन बीत गए, अभी तक पुलिस एक भी गुंडे तक नहीं पहुुंच पायी। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठता नजर आ रहा है। अनुज सैनी ने बताया कि यह मामूली घटना नहीं है। इसे संजीदगी से लेना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता तो क्षेत्र में माफिया के हौसले और ज्यादा बुलंद होंगे, जिससे वह और ज्यादा अवैध माइनिंग यहां करेंगे।
मंत्री के इलाके में माफिया राज तो, प्रदेश में क्या होगा?
दूसरी ओर विपक्ष के नेता व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि मंत्री के इलाके में जब यह हालात है तो प्रदेश में कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा? यह सरकार तो बस कर्मचारियों को सस्पेंड करने में लगी है, जबकि कामकाज कैसे सही तरह से चले इस ओर इनका ध्यान ही नहीं है। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार में माइनिंग माफिया को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। तभी वह इतना दुस्सहास कर गए, अन्यथा किसी की क्या मजाल यूं पुलिस पर हमला कर दें। पूर्व सीएम ने कहा कि माइनिंग में नेताओं की भूमिका की जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही अवैध माइनिंग रोकने के लिए अलग से टास्क फोर्स बननी चाहिए। अन्यथा माफिया यूं ही अपनी गतिविधियां चलाता रहेगा।
यमुना को बचाना है तो माइनिंग बंद होनी चाहिए
दूसरी ओर यमुना जियो अभियान के सदस्य भीम ङ्क्षसह रावत ने कहा कि यमुना नदी को यदि बचाना है तो तुरंत इसमें अवैध माइनिंग बंद होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो यह नदी खत्म हो जाएगी। उन्होंने बताया कि रेत की लूट ने इस इलाके में संगठित माफिया पैदा कर दिया है। जिसकी पुलिस, प्रशासन और सत्ता में पकड़ है। उनके दम पर ही माफिया यहां हर अवैध गतिविधियां चला रहा है। भीम सिंह रावत ने बताया कि एनजीटी को बार बार शिकायत के बाद भी प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। यह नदियों के साथ बहुत ही खराब व्यवहार है। आकृति संस्था के अध्यक्ष अनुज सैनी ने बताया कि इस इलाके के सांसद रत्न लाल कटारिया जलसंशाधन मंत्री है, उनके इलाके में ही यदि नदियों के साथ यह व्यवहार हो रहा है तो देश के हालात क्या होंगे?
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गुंडों के खिलाफ पुलिस हरकत में आयी।